श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरका अपने भाइयोंके साथ परामर्श करके सबको साथ ले धन ले आनेके लिये प्रस्थान करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  14.63.22 
तत: प्रदक्षिणीकृत्य शिरोभि: प्रणिपत्य च।
ब्राह्मणानग्निसहितान् प्रययु: पाण्डुनन्दना:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पाण्डवों ने अग्नि सहित ब्राह्मणों की परिक्रमा की और उनके चरणों में सिर झुकाकर वहां से प्रस्थान किया।
 
Thereafter the Pandavas circumambulated the Brahmins along with the fire and bowed their heads at their feet and departed from there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)