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mahabharat 14.61.40: हे विराट की राजकुमारी, अद्वितीय गुणों वाली! अब तुम्हें यहाँ अपने पति के लिए शोक नहीं करना चाहिए। सुंदरी! अपने गर्भ में पल रहे अभिमन्यु के पुत्र की रक्षा करो।'   |   mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.61.40 
वैराटि नेह संतापस्त्वया कार्यो ह्यनिन्दिते।
भर्तारं प्रति सुश्रोणि गर्भस्थं रक्ष वै शिशुम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे विराट की राजकुमारी, अद्वितीय गुणों वाली! अब तुम्हें यहाँ अपने पति के लिए शोक नहीं करना चाहिए। सुंदरी! अपने गर्भ में पल रहे अभिमन्यु के पुत्र की रक्षा करो।'
 
O princess of Virata, of inimitable qualities! Now you should not grieve for your husband here. Beautiful lady! Protect the child of Abhimanyu who is in your womb.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)