Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.61.23-24h: हे पितामह! इसलिए शोक त्याग दो! शोक के वशीभूत मत होओ। शत्रुओं के नगर को जीतने वाला वीर अभिमन्यु शस्त्रों के प्रहार से पवित्र हो गया और उत्तम गति को प्राप्त हुआ। 23 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  14.61.23-24h 
स शोकं जहि दुर्धर्ष मा च मन्युवशं गम:॥ २३॥
शस्त्रपूतां हि स गतिं गत: परपुरंजय:।
 
 
अनुवाद
हे पितामह! इसलिए शोक त्याग दो! शोक के वशीभूत मत होओ। शत्रुओं के नगर को जीतने वाला वीर अभिमन्यु शस्त्रों के प्रहार से पवित्र हो गया और उत्तम गति को प्राप्त हुआ। 23 1/2॥
 
Father, brave father! Therefore, give up mourning! Don't be subdued by grief. The brave Abhimanyu, who conquered the city of enemies, became purified by the blows of weapons and attained the best speed. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)