Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.61.16-17h: पिता जी! अभिमन्यु ने युद्ध में आगे रहकर शत्रुओं का सामना किया। उसने कभी अपना मुख नहीं मोड़ा। उस कठिन युद्ध में उसने कभी पीठ नहीं दिखाई। 16 1/2। | mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न तेन विकृतं वक्त्रं कृतं संग्राममूर्धनि॥ १६॥
न पृष्ठत: कृतश्चापि संग्रामस्तेन दुस्तर:।
अनुवाद
पिता जी! अभिमन्यु ने युद्ध में आगे रहकर शत्रुओं का सामना किया। उसने कभी अपना मुख नहीं मोड़ा। उस कठिन युद्ध में उसने कभी पीठ नहीं दिखाई। 16 1/2।
Father! Abhimanyu faced the enemies by staying ahead in the battle. He never distorted his face. He never turned his back in that tough battle. 16 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥