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mahabharat 14.61.15-16h: अपने पिता को अत्यन्त दुःखी और विलाप करते देख श्रीकृष्ण स्वयं भी अत्यन्त दुःखी हुए और उन्हें सान्त्वना देते हुए इस प्रकार बोले-॥15 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  14.61.15-16h 
एवंविधं बहु तदा विलपन्तं सुदु:खितम्॥ १५॥
पितरं दु:खिततरो गोविन्दो वाक्यमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
अपने पिता को अत्यन्त दुःखी और विलाप करते देख श्रीकृष्ण स्वयं भी अत्यन्त दुःखी हुए और उन्हें सान्त्वना देते हुए इस प्रकार बोले-॥15 1/2॥
 
Seeing his father in great grief and lamentation, Sri Krishna himself became very sad and while consoling him he spoke thus -॥ 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)