Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.60.12: तत्पश्चात् भीष्म बाणों की शय्या पर लेट गए। जब तक दक्षिणायन रहा, तब तक वे मुनिव्रत का पालन करते हुए बाणों की शय्या पर ही सोते रहे। दक्षिणायन समाप्त होने और उत्तरायण प्रारंभ होने पर ही उन्होंने मृत्यु को स्वीकार किया॥12॥ | mahabharat अध्याय 14.60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् भीष्म बाणों की शय्या पर लेट गए। जब तक दक्षिणायन रहा, तब तक वे मुनिव्रत का पालन करते हुए बाणों की शय्या पर ही सोते रहे। दक्षिणायन समाप्त होने और उत्तरायण प्रारंभ होने पर ही उन्होंने मृत्यु को स्वीकार किया॥12॥
Thereafter Bhishma lay down on the bed of arrows. As long as the Dakshinayan lasted, he kept sleeping on the bed of arrows observing the vow of a sage. He accepted death only when the Dakshinayan ended and the Uttarayan started.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥