Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.60.1: वसुदेव ने पूछा- वृष्णिनन्दन! मैं प्रतिदिन लोगों से वार्तालाप के प्रसंग में सुनता आ रहा हूँ कि महाभारत का युद्ध अद्भुत था। इसीलिए मैं पूछ रहा हूँ कि कौरवों और पाण्डवों का युद्ध किस प्रकार हुआ था?॥1॥ | mahabharat अध्याय 14.60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसुदेव उवाच
श्रुतवानस्मि वार्ष्णेय संग्रामं परमाद्भुतम्।
नराणां वदतां तत्र कथं वा तेषु नित्यश:॥ १॥
अनुवाद
वसुदेव ने पूछा- वृष्णिनन्दन! मैं प्रतिदिन लोगों से वार्तालाप के प्रसंग में सुनता आ रहा हूँ कि महाभारत का युद्ध अद्भुत था। इसीलिए मैं पूछ रहा हूँ कि कौरवों और पाण्डवों का युद्ध किस प्रकार हुआ था?॥1॥
Vasudev asked- Vrishninandan! I have been hearing from people everyday in the context of conversations that the Mahabharata war was a wonderful one. That is why I am asking how the war between the Kauravas and the Pandavas took place?॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥