Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.58.5: सौदास ने कहा - ब्रह्मन्! सृष्टि के आरम्भ से ही क्षत्रिय लोग ब्राह्मणों की पूजा करते आ रहे हैं, फिर भी ब्राह्मणों से भी क्षत्रियों में अनेक दोष प्रकट होते हैं॥5॥ | mahabharat अध्याय 14.58: कुण्डल लेकर उत्तंकका लौटना, मार्गमें उन कुण्डलोंका अपहरण होना तथा इन्द्र और अग्निदेवकी कृपासे फिर उन्हें पाकर गुरुपत्नीको देना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौदास ने कहा - ब्रह्मन्! सृष्टि के आरम्भ से ही क्षत्रिय लोग ब्राह्मणों की पूजा करते आ रहे हैं, फिर भी ब्राह्मणों से भी क्षत्रियों में अनेक दोष प्रकट होते हैं॥5॥
Saudas said – Brahmin! Kshatriya people have been worshiping Brahmins since the beginning of the creation, yet many faults are revealed to the Kshatriyas even from the Brahmins. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥