Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.58.19: रानी मदयन्ती द्वारा उन कुण्डलों की रक्षा के लिए बताई गई विधि के अनुसार, वह उन्हें काले मृगचर्म में बाँधकर ले जा रहा था।   |   mahabharat अध्याय 14.58: कुण्डल लेकर उत्तंकका लौटना, मार्गमें उन कुण्डलोंका अपहरण होना तथा इन्द्र और अग्निदेवकी कृपासे फिर उन्हें पाकर गुरुपत्नीको देना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 58: कुण्डल लेकर उत्तंकका लौटना, मार्गमें उन कुण्डलोंका अपहरण होना तथा इन्द्र और अग्निदेवकी कृपासे फिर उन्हें पाकर गुरुपत्नीको देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  14.58.19 
यथा तयो रक्षणं च मदयन्त्याभिभाषितम्।
तथा ते कुण्डले बद्‍ध्वा तदा कृष्णाजिनेऽनयत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
रानी मदयन्ती द्वारा उन कुण्डलों की रक्षा के लिए बताई गई विधि के अनुसार, वह उन्हें काले मृगचर्म में बाँधकर ले जा रहा था।
 
As per the method prescribed by Queen Madayanti for protecting those earrings, he was taking them away tied in a black deerskin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)