Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.58.15: सौदास ने कहा, "हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! यदि मुझे यहाँ कुछ उचित कहना हो, तो मैं यही कहूँगा कि हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! तुम्हें किसी भी स्थिति में मेरे पास नहीं आना चाहिए।" | mahabharat अध्याय 14.58: कुण्डल लेकर उत्तंकका लौटना, मार्गमें उन कुण्डलोंका अपहरण होना तथा इन्द्र और अग्निदेवकी कृपासे फिर उन्हें पाकर गुरुपत्नीको देना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौदास ने कहा, "हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! यदि मुझे यहाँ कुछ उचित कहना हो, तो मैं यही कहूँगा कि हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! तुम्हें किसी भी स्थिति में मेरे पास नहीं आना चाहिए।"
Saudasa said, "O best of Brahmins! If I have to say something appropriate here, then I would say this: O best of Brahmins! You should not come to me under any circumstances." 15.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥