Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.57.28: ‘ऐसे गुणों से युक्त होने के कारण मेरे ये दोनों कुण्डल तीनों लोकों में अत्यन्त प्रशंसित एवं प्रसिद्ध हैं। अतः राजा की आज्ञा से तुम इन्हें लेने आए हो, इसका कोई परिचय या प्रमाण लाओ।’॥28॥ | mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘ऐसे गुणों से युक्त होने के कारण मेरे ये दोनों कुण्डल तीनों लोकों में अत्यन्त प्रशंसित एवं प्रसिद्ध हैं। अतः राजा की आज्ञा से तुम इन्हें लेने आए हो, इसका कोई परिचय या प्रमाण लाओ।’॥28॥
‘Because of being endowed with such qualities, these two earrings of mine are highly praised and famous in the three worlds. Therefore, you have come to take them by the order of the king, bring some identification or proof of this.’॥ 28॥
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि उत्तङ्कोपाख्याने सप्तपञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें उत्तंक मुनिका उपाख्यानविषयक सत्तावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥