Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.57.19: वैशम्पायन जी कहते हैं: हे भारतभूषण! राजा के ऐसा कहने पर मुनि उत्तंक रानी मदयन्ती के पास गये और उनसे अपने आने का प्रयोजन कहा।   |   mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  14.57.19 
वैशम्पायन उवाच
उत्तङ्कस्तु तथोक्त: स जगाम भरतर्षभ।
मदयन्तीं च दृष्ट्वा स ज्ञापयत् स्वप्रयोजनम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन जी कहते हैं: हे भारतभूषण! राजा के ऐसा कहने पर मुनि उत्तंक रानी मदयन्ती के पास गये और उनसे अपने आने का प्रयोजन कहा।
 
Vaishmpayana says: O Bharat Bhushan! Upon the king's saying this, the sage Uttank went to Queen Madayanti and told her the purpose of his visit.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)