Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.57.16: हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! रानी उत्तम व्रत का पालन करने वाली है। जब तुम उससे इस प्रकार कहोगे, तब वह मेरी आज्ञा मानकर तुम्हें दोनों कुण्डल दे देगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।'   |   mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  14.57.16 
सैवमुक्ता त्वया नूनं मद्वाक्येन शुचिव्रता।
प्रदास्यति द्विजश्रेष्ठ कुुण्डले ते न संशय:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! रानी उत्तम व्रत का पालन करने वाली है। जब तुम उससे इस प्रकार कहोगे, तब वह मेरी आज्ञा मानकर तुम्हें दोनों कुण्डल दे देगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।'
 
O best Brahmin! The queen is the one who observes the best fast. When you tell her in this manner, then she will obey my orders and give you both the earrings, there is no doubt about this.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)