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mahabharat 14.57.15: वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! उनके ऐसा कहने पर राजा ने पुनः उत्तंक से कहा - 'साधुशिरोमणि! तुम रानी के पास जाओ और उनसे मेरी आज्ञा कहो। तुम मुझे कुण्डल दे दो।' 15.   |   mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.57.15 
वैशम्पायन उवाच
इत्युक्तस्त्वब्रवीद् राजा तमुत्तङ्कं पुनर्वच:।
गच्छ मद्वचनाद् देवीं ब्रूहि देहीति सत्तम॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! उनके ऐसा कहने पर राजा ने पुनः उत्तंक से कहा - 'साधुशिरोमणि! तुम रानी के पास जाओ और उनसे मेरी आज्ञा कहो। तुम मुझे कुण्डल दे दो।' 15.
 
Vaishampayana says - O King! On his saying this, the king again said to Uttanka - 'Sadhushiromane! You go to the queen and tell her my order. You give me the earrings. 15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)