श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  14.56.33 
तत: प्रोवाच पत्नीं स न ते सम्यगिदं कृतम्।
शप्त: स पार्थिवो नूनं ब्राह्मणं तं वधिष्यति॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर गौतम ने अपनी पत्नी से कहा - 'देवी! तुमने अनुचित किया है। राजा सौदास शाप के कारण राक्षस बन गया है। अतः वह अवश्य ही उस ब्राह्मण का वध करेगा।'
 
On hearing this Gautama said to his wife - 'Devi! You have done wrong. King Saudas has become a demon due to a curse. Therefore he will surely kill that Brahmin.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)