श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  14.56.32 
गौतमस्त्वब्रवीत् पत्नीमुत्तङ्को नाद्य दृश्यते।
इति पृष्टा तमाचष्ट कुण्डलार्थे गतं च सा॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उनके जाने के बाद गौतम ने अपनी पत्नी से पूछा, ‘आज उत्तंक क्यों दिखाई नहीं दे रहे हैं?’ पति के ऐसा पूछने पर अहल्या ने कहा, ‘वह रानी सौदास के कुण्डल लाने गए हैं।’
 
After their departure, Gautama asked his wife, 'Why is Uttanka not visible today?' On being asked this by her husband, Ahalya said, 'He has gone to bring the earrings of Queen Saudasa.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)