Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.56.31: वह ब्राह्मणमुख वाला पुरुष, जो नरभक्षी राक्षस की आत्मा से ग्रस्त था, राजा सौदास से उन बहुमूल्य कुण्डलों को मांगने के लिए शीघ्र ही वहाँ से चला गया ॥31॥ | mahabharat अध्याय 14.56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह ब्राह्मणमुख वाला पुरुष, जो नरभक्षी राक्षस की आत्मा से ग्रस्त था, राजा सौदास से उन बहुमूल्य कुण्डलों को मांगने के लिए शीघ्र ही वहाँ से चला गया ॥31॥
The Brahmin-headed man, who was possessed by the spirit of a cannibalistic demon, quickly left the place to request those precious earrings from King Saudasa. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥