Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.56.3: भरतनन्दन! जब वे गुरुकुल में रहते थे, उन दिनों सभी ऋषिकुमारों के हृदय में यही इच्छा थी कि उन्हें भी उत्तंक के समान गुरुभक्ति प्राप्त हो॥3॥ | mahabharat अध्याय 14.56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतनन्दन! जब वे गुरुकुल में रहते थे, उन दिनों सभी ऋषिकुमारों के हृदय में यही इच्छा थी कि उन्हें भी उत्तंक के समान गुरुभक्ति प्राप्त हो॥3॥
Bharatanandan! When he used to live in Gurukul, in those days all the Rishikumars had this desire in their hearts that they too should get the same devotion of Guru like Uttank.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥