Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.56.29: अहिल्या बोलीं, "बेटा! राजा सौदास की रानी के पहने हुए दो दिव्य रत्नजड़ित कुण्डल ले आओ। तुम्हारा कल्याण हो। उन्हें लाने से तुम्हारी गुरु-दक्षिणा पूरी हो जाएगी।"   |   mahabharat अध्याय 14.56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  14.56.29 
अहल्योवाच
सौदासपत्न्या विधृते दिव्ये ये मणिकुण्डले।
ते समानय भद्रं ते गुर्वर्थ: सुकृतो भवेत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अहिल्या बोलीं, "बेटा! राजा सौदास की रानी के पहने हुए दो दिव्य रत्नजड़ित कुण्डल ले आओ। तुम्हारा कल्याण हो। उन्हें लाने से तुम्हारी गुरु-दक्षिणा पूरी हो जाएगी।"
 
Ahalya said, "Son! Bring the two divine jeweled earrings worn by the queen of King Saudas. May you be blessed. By bringing them, your Guru-dakshina will be complete."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)