Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.56.24: तत्पश्चात् उत्तंक ने तप के बल से युवा होकर उन यशस्वी गुरु की कन्या से विवाह किया। तत्पश्चात् गुरु की आज्ञा पाकर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा - 24॥ | mahabharat अध्याय 14.56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्तां प्रतिजग्राह युवा भूत्वा यशस्विनीम्।
गुरुणा चाभ्यनुज्ञातो गुरुपत्नीमथाब्रवीत्॥ २४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् उत्तंक ने तप के बल से युवा होकर उन यशस्वी गुरु की कन्या से विवाह किया। तत्पश्चात् गुरु की आज्ञा पाकर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा - 24॥
Then Uttanka became young with the power of penance and married that famous Guru's daughter. After that, after getting Guru's permission, he said to his wife - 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥