Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.56.11-12: तब कमल के समान उज्ज्वल मुख वाली परम सुन्दरी धर्मगुरु की पुत्री विशाललोचना अपने पिता की अनुमति पाकर, नम्रता से सिर झुकाए वहाँ आई और मुनि के आँसू अपने हाथों में ले लिए। | mahabharat अध्याय 14.56: उत्तंककी गुरुभक्तिका वर्णन, गुरुपुत्रीके साथ उत्तंकका विवाह, गुरुपत्नीकी आज्ञासे दिव्यकुण्डल लानेके लिये उत्तंकका राजा सौदासके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब कमल के समान उज्ज्वल मुख वाली परम सुन्दरी धर्मगुरु की पुत्री विशाललोचना अपने पिता की अनुमति पाकर, नम्रता से सिर झुकाए वहाँ आई और मुनि के आँसू अपने हाथों में ले लिए।
Then Vishallochana, the most beautiful religious Guru's daughter, with a face as bright as a lotus, after receiving her father's permission, came there with her head bowed with humility and took the monk's tears in her hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥