Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.54.19: जब मैं सर्प की योनि में जन्म लेता हूँ, तब सर्प जैसा आचरण करता हूँ। जब मैं यक्षों और राक्षसों की योनि में जन्म लेता हूँ, तब भी उनके ही रीति-रिवाजों और विचारों का पालन करता हूँ।॥19॥ | mahabharat अध्याय 14.54: भगवान् श्रीकृष्णका उत्तंकसे अध्यात्मतत्त्वका वर्णन करना तथा दुर्योधनके अपराधको कौरवोंके विनाशका कारण बतलाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब मैं सर्प की योनि में जन्म लेता हूँ, तब सर्प जैसा आचरण करता हूँ। जब मैं यक्षों और राक्षसों की योनि में जन्म लेता हूँ, तब भी उनके ही रीति-रिवाजों और विचारों का पालन करता हूँ।॥19॥
When I am born in the womb of a serpent, I behave like a serpent. When I am born in the wombs of yakshas and demons, I follow their customs and thoughts in the same manner.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥