vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 53: मार्गमें श्रीकृष्णसे कौरवोंके विनाशकी बात सुनकर उत्तङ्क मुनिका कुपित होना और श्रीकृष्णका उन्हें शान्त करना
»
श्लोक 9
श्लोक
14.53.9
स पृष्ट: कुशलं तेन सम्पूज्य मधुसूदनम्।
उत्तङ्को ब्राह्मणश्रेष्ठस्तत: पप्रच्छ माधवम्॥ ९॥
अनुवाद
उनका कुशलक्षेम पूछने पर महाबली ब्राह्मण उत्तंक ने मधुसूदन माधव की पूजा करके उनसे यह प्रश्न किया -॥9॥
Upon asking about his well-being, the great Brahmin Uttanka, after worshipping Madhusudana Madhava, asked him this question -॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×