श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 53: मार्गमें श्रीकृष्णसे कौरवोंके विनाशकी बात सुनकर उत्तङ्क मुनिका कुपित होना और श्रीकृष्णका उन्हें शान्त करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  14.53.9 
स पृष्ट: कुशलं तेन सम्पूज्य मधुसूदनम्।
उत्तङ्को ब्राह्मणश्रेष्ठस्तत: पप्रच्छ माधवम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उनका कुशलक्षेम पूछने पर महाबली ब्राह्मण उत्तंक ने मधुसूदन माधव की पूजा करके उनसे यह प्रश्न किया -॥9॥
 
Upon asking about his well-being, the great Brahmin Uttanka, after worshipping Madhusudana Madhava, asked him this question -॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)