त्वया शक्तेन हि सता मिथ्याचारेण माधव।
ते परीता: कुरुश्रेष्ठा नश्यन्त: स्म ह्युपेक्षिता:॥ २२॥
अनुवाद
माधव! यह बड़े दुःख की बात है कि समर्थ होते हुए भी तुमने मिथ्याचार का सहारा लिया। युद्ध में चारों ओर से आये हुए महान कुरुवंशी नष्ट हो गये और तुमने उनकी उपेक्षा की।
Madhava! It is very sad that despite being capable, you resorted to false conduct. In the war, those great Kuru clansmen who had come from all sides were destroyed and you ignored them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥