श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 52: श्रीकृष्णका अर्जुनके साथ हस्तिनापुर जाना और वहाँ सबसे मिलकर युधिष्ठिरकी आज्ञा ले सुभद्राके साथ द्वारकाको प्रस्थान करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  14.52.3 
इत्युक्ता: सैनिकास्ते तु सज्जीभूता विशाम्पते।
आचख्यु: सज्जमित्येवं पार्थायामिततेजसे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! आज्ञा पाते ही सब सैनिक तैयार होकर महाबली अर्जुन के पास गये और बोले - 'रथ सजा दिया गया है और यात्रा की सारी तैयारियाँ हो गयी हैं।'
 
Prajanath! On receiving the order, all the soldiers got ready and went to the great and illustrious Arjun and said - 'The chariot is decorated and all preparations for the journey have been made.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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