वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् भगवान श्रीकृष्ण ने दारुक को आदेश दिया कि 'हल चलाकर रथ तैयार करो।' दो घड़ी के भीतर ही दारुक ने लौटकर बताया कि 'रथ तैयार है।'॥1॥
Vaishampayanji says – King! Thereafter, Lord Shri Krishna ordered Daruk to 'prepare the chariot by ploughing'. Within two hours Daruk returned and informed that 'the chariot is ready'. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥