Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.50.8: इन दोनों में ही यहाँ विषय-विषय सम्बन्ध का विचार किया गया है। इनमें पुरुष को सदैव विषय माना गया है और सत्त्व को विषय माना गया है।8॥   |   mahabharat अध्याय 14.50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान‍्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान‍्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  14.50.8 
विषयो विषयित्वं च सम्बन्धोऽयमिहोच्यते।
विषयी पुरुषो नित्यं सत्त्वं च विषय: स्मृत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इन दोनों में ही यहाँ विषय-विषय सम्बन्ध का विचार किया गया है। इनमें पुरुष को सदैव विषय माना गया है और सत्त्व को विषय माना गया है।8॥
 
In both of these, this subject-objective relationship has been considered here. In these, man is always considered to be the subject and Sattva is the subject. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)