Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.50.43-44h: शब्द, स्पर्श, रूप और स्वाद - ये जल के चार गुण माने गए हैं (इनमें स्वाद जल का प्रधान गुण है)। अब मैं स्वाद के विज्ञान का वर्णन करूँगा। स्वाद के अनेक प्रकार बताए गए हैं ॥43 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शब्द, स्पर्श, रूप और स्वाद - ये जल के चार गुण माने गए हैं (इनमें स्वाद जल का प्रधान गुण है)। अब मैं स्वाद के विज्ञान का वर्णन करूँगा। स्वाद के अनेक प्रकार बताए गए हैं ॥43 1/2॥
Sound, touch, form and taste – these are considered to be the four qualities of water (among these taste is the main quality of water). Now I will describe the science of taste. Many types of taste have been described. ॥ 43 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥