Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.50.3-4h: सत्य का अनुभव करने वाले वृद्ध लोग कहते हैं कि ‘ज्ञान ही परम कल्याण का एकमात्र साधन है।’ अतः केवल परम शुद्ध ज्ञान के द्वारा ही मनुष्य समस्त पापों से मुक्त हो सकता है। | mahabharat अध्याय 14.50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्य का अनुभव करने वाले वृद्ध लोग कहते हैं कि ‘ज्ञान ही परम कल्याण का एकमात्र साधन है।’ अतः केवल परम शुद्ध ज्ञान के द्वारा ही मनुष्य समस्त पापों से मुक्त हो सकता है।
The old people who have experienced the truth say that 'Knowledge is the only means of ultimate welfare.' Therefore, it is only through the absolutely pure knowledge that a man can be freed from all sins. 3 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥