Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.50.15: जब तक दीपक में द्रव्य और गुण रहते हैं, तब तक वह प्रकाश फैलाता है। जब द्रव्य और गुण क्षीण हो जाते हैं, तब प्रकाश भी लुप्त हो जाता है ॥15॥ | mahabharat अध्याय 14.50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब तक दीपक में द्रव्य और गुण रहते हैं, तब तक वह प्रकाश फैलाता है। जब द्रव्य और गुण क्षीण हो जाते हैं, तब प्रकाश भी लुप्त हो जाता है ॥15॥
As long as the substance and qualities remain in the lamp, it spreads light. When the substance and qualities get depleted, the light also disappears. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥