Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.43.19-20h: हे ब्राह्मणों! जिन श्रेष्ठ राजाओं के राज्य में श्रेष्ठ पुरुष सब प्रकार से सुरक्षित रहते हैं, वे इस लोक में सुख भोगते हैं और परलोक में भी शाश्वत आनंद को प्राप्त करते हैं, ऐसा समझो।॥191/2॥ | mahabharat अध्याय 14.43: चराचर प्राणियोंके अधिपतियोंका, धर्म आदिके लक्षणोंका और विषयोंकी अनुभूतिके साधनोंका वर्णन तथा क्षेत्रज्ञकी विलक्षणता । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राज्ञां हि विषये येषां साधव: परिरक्षिता:।
तेऽस्मिँल्लोके प्रमोदन्ते सुखं प्रेत्य च भुञ्जते॥ १९॥
प्राप्नुवन्ति महात्मान इति वित्त द्विजर्षभा:।
अनुवाद
हे ब्राह्मणों! जिन श्रेष्ठ राजाओं के राज्य में श्रेष्ठ पुरुष सब प्रकार से सुरक्षित रहते हैं, वे इस लोक में सुख भोगते हैं और परलोक में भी शाश्वत आनंद को प्राप्त करते हैं, ऐसा समझो।॥191/2॥
O Brahmins! Understand that the great kings in whose kingdom the noble men are protected in every way, enjoy happiness in this world and also attain everlasting bliss in the next world.॥ 191/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥