श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 42: अहंकारसे पञ्च महाभूतों और इन्द्रियोंकी सृष्टि, अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवतका वर्णन तथा निवृत्तिमार्गका उपदेश  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  14.42.19-20h 
द्वितीयं मारुतो भूतं त्वगध्यात्मं च विश्रुता॥ १९॥
स्प्रष्टव्यमधिभूतं च विद्युत् तत्राधिदैवतम्।
 
 
अनुवाद
वायु दूसरा तत्त्व है। त्वचा उसका आध्यात्मिक तत्त्व है, स्पर्श उसका अलौकिक तत्त्व है और विद्युत उसका अलौकिक तत्त्व है ॥19 1/2॥
 
Air is the second element. Skin is its spiritual element, touch is its supernatural element and electricity is its supernatural element. ॥19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)