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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 40: महत्तत्त्वके नाम और परमात्मतत्त्वको जाननेकी महिमा
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श्लोक 9
श्लोक
14.40.9
अहंकारात् प्रसूतानि महाभूतानि पञ्च वै।
पृथिवी वायुराकाशमापो ज्योतिश्च पञ्चमम्॥ ९॥
अनुवाद
पृथ्वी, वायु, आकाश, जल और पाँचवाँ तत्व तेज, ये पाँचों तत्व अहंकार से उत्पन्न होते हैं ॥9॥
Earth, air, sky, water and the fifth element, light, these five elements are born from ego. ॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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