श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 40: महत्तत्त्वके नाम और परमात्मतत्त्वको जाननेकी महिमा  »  श्लोक 2-3
 
 
श्लोक  14.40.2-3 
महानात्मा मतिर्विष्णुर्जिष्णु: शम्भुश्च वीर्यवान्।
बुद्धि: प्रज्ञोपलब्धिश्च तथा ख्यातिर्धृति: स्मृति:॥ २॥
पर्यायवाचकै: शब्दैर्महानात्मा विभाव्यते।
तं जानन् ब्राह्मणो विद्वान् प्रमोहं नाधिगच्छति॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महात्मा, मति, विष्णु, जिष्णु, शम्भू, वीर्यवान, बुद्धि, प्रज्ञा, सिद्धि, यश, धृति, स्मृति - इन पर्यायवाची नामों से महात्मा की पहचान होती है। जो विद्वान ब्राह्मण इसके तत्त्व को जानता है, वह कभी मोह में नहीं पड़ता। 2-3॥
 
Great Soul, Mati, Vishnu, Jishnu, Shambhu, Veeryavan, Buddhi, Pragya, Achievement, Fame, Dhriti, Smriti – the Great Soul is identified by these synonymous names. A learned Brahmin who knows its essence never falls into temptation. 2-3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)