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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 40: महत्तत्त्वके नाम और परमात्मतत्त्वको जाननेकी महिमा
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श्लोक 10
श्लोक
14.40.10
तेषु भूतानि युज्यन्ते महाभूतेषु पञ्चसु।
ते शब्दस्पर्शरूपेषु रसगन्धक्रियासु च॥ १०॥
अनुवाद
समस्त जीव उन पाँच महाभूतों और उनके कार्यों अर्थात् शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध से व्याप्त हैं ॥10॥
All living beings are permeated with those five great elements and their functions i.e. sound, touch, form, taste and smell. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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