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mahabharat 14.4.28: जब सारी सामग्री तैयार हो गई, तब पृथ्वी के शासक धर्मात्मा राजा मरुत्त ने अन्य सभी प्रजापालकों के साथ विधिपूर्वक यज्ञ किया।   |   mahabharat अध्याय 14.4: मरुत्तके पूर्वजोंका परिचय देते हुए व्यासजीके द्वारा उनके गुण, प्रभाव एवं यज्ञका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.4.28 
ईजे तत्र स धर्मात्मा विधिवत् पृथिवीपति:।
मरुत्त: सहितै: सर्वै: प्रजापालैर्नराधिप:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जब सारी सामग्री तैयार हो गई, तब पृथ्वी के शासक धर्मात्मा राजा मरुत्त ने अन्य सभी प्रजापालकों के साथ विधिपूर्वक यज्ञ किया।
 
When all the materials were ready, the righteous King Marutta, the ruler of the earth, along with all the other protectors of the people, performed the yajna in accordance with the rituals.
 
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अश्वमेधपर्वणि संवर्तमरुत्तीये चतुर्थोऽध्याय:॥ ४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अश्वमेधपर्वमें संवर्त और मरुत्तका उपाख्यानविषयक चौथा अध्याय पूरा हुआ॥ ४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)