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mahabharat 14.39.19: गुणों के अनुसार दान तीन प्रकार से दिया जाता है। यज्ञ अनुष्ठान तीन प्रकार के होते हैं। लोक, देव, विद्या और गति भी तीन प्रकार के होते हैं। 19॥   |   mahabharat अध्याय 14.39: सत्त्व आदि गुणोंका और प्रकृतिके नामोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 39: सत्त्व आदि गुणोंका और प्रकृतिके नामोंका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  14.39.19 
त्रिधा दानानि दीयन्ते त्रिधा यज्ञ: प्रवर्तते।
त्रिधा लोकास्त्रिधा देवास्त्रिधा विद्यास्त्रिधा गति:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
गुणों के अनुसार दान तीन प्रकार से दिया जाता है। यज्ञ अनुष्ठान तीन प्रकार के होते हैं। लोक, देव, विद्या और गति भी तीन प्रकार के होते हैं। 19॥
 
Donations are given in three ways depending on the qualities. There are three types of yagya rituals. Lok, Dev, Vidya and Gati are also of three types. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)