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mahabharat 14.39.13: उगते हुए सूर्य को देखकर दुष्ट लोग भयभीत हो जाते हैं और गर्मी से पीड़ित राहगीर व्याकुल हो जाते हैं ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 14.39: सत्त्व आदि गुणोंका और प्रकृतिके नामोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 39: सत्त्व आदि गुणोंका और प्रकृतिके नामोंका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  14.39.13 
दृष्ट्वा त्वादित्यमुद्यन्तं कुचराणां भयं भवेत्।
अध्वगा: परितप्येयुरुष्णतो दु:खभागिन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उगते हुए सूर्य को देखकर दुष्ट लोग भयभीत हो जाते हैं और गर्मी से पीड़ित राहगीर व्याकुल हो जाते हैं ॥13॥
 
Seeing the rising Sun, wicked people become afraid and passersby suffering from the heat become distressed. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)