Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.38.13-14h: (योगबल से) स्वर्ग प्राप्त होने पर उनके मन भोगों के संस्कारों से विकृत हो जाते हैं। उस समय वे जो कुछ चाहते हैं, उसे प्राप्त करते हैं और बाँटते हैं। ॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.38: सत्त्वगुणके कार्यका वर्णन और उसके जाननेका फल । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(योगबल से) स्वर्ग प्राप्त होने पर उनके मन भोगों के संस्कारों से विकृत हो जाते हैं। उस समय वे जो कुछ चाहते हैं, उसे प्राप्त करते हैं और बाँटते हैं। ॥13 1/2॥
On attaining heaven (by the power of yoga), their minds are perverted by the impressions of enjoyment. At that time, they get whatever they want and distribute it. ॥13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥