Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.36.30: उनमें से कुछ (अपने शेष पापों का फल भोगने के लिए) पुनः चाण्डाल के रूप में जन्म लेते हैं, मूक और वाणी में कमी वाले, तथा सामान्यतः प्रत्येक जन्म में उच्च जाति को प्राप्त करते हैं। | mahabharat अध्याय 14.36: ब्रह्माजीके द्वारा तमोगुणका, उसके कार्यका और फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनमें से कुछ (अपने शेष पापों का फल भोगने के लिए) पुनः चाण्डाल के रूप में जन्म लेते हैं, मूक और वाणी में कमी वाले, तथा सामान्यतः प्रत्येक जन्म में उच्च जाति को प्राप्त करते हैं।
Some of them (to suffer the consequences of their remaining sins) are again born as Chandalas, mute and halting in speech, and generally attain higher castes in each birth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥