श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 36: ब्रह्माजीके द्वारा तमोगुणका, उसके कार्यका और फलका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.36.11 
एतेषां गुणतत्त्वानि वक्ष्यन्ते तत्त्वहेतुभि:।
समासव्यासयुक्तानि तत्त्वतस्तानि बोधत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
अब मैं इन तीनों गुणों के कार्यों का दार्शनिक तर्क द्वारा विस्तारपूर्वक तथा संक्षेप में वर्णन करता हूँ। इन्हें ध्यानपूर्वक सुनो ॥11॥
 
Now I am describing the functions of these three Gunas in detail and briefly with the help of philosophical reasoning. Listen to them attentively. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)