श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 35: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनसे मोक्ष-धर्मका वर्णन—गुरु और शिष्यके संवादमें ब्रह्मा और महर्षियोंके प्रश्नोत्तर  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  14.35.33 
सत्यं हि गुणसंयुक्तं नियतं पञ्चलक्षणम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि गुणों से युक्त सत्य के पाँच लक्षण निश्चित किये गये हैं ॥33॥
 
Because the truth endowed with qualities has been determined to have five characteristics. ॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)