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mahabharat 14.30.11: नासिका का यह कथन सुनकर अलर्क ने कुछ देर विचार करके (जीभ की ओर संकेत करके) कहा॥11॥   |   mahabharat अध्याय 14.30: अलर्कके ध्यानयोगका उदाहरण देकर पितामहोंका परशुरामजीको समझाना और परशुरामजीका तपस्याके द्वारा सिद्धि प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.30.11 
तच्छ्रुत्वा स विचिन्त्याथ ततो वचनमब्रवीत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
नासिका का यह कथन सुनकर अलर्क ने कुछ देर विचार करके (जीभ की ओर संकेत करके) कहा॥11॥
 
After listening to this statement of Nāsika, Alarka after thinking for a while said (pointing at the tongue)॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)