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mahabharat 14.30.1: पितरों ने कहा - हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! इस विषय में एक प्राचीन इतिहास का उदाहरण दिया गया है, उसे सुनकर तुम्हें उसके अनुसार आचरण करना चाहिए॥1॥   |   mahabharat अध्याय 14.30: अलर्कके ध्यानयोगका उदाहरण देकर पितामहोंका परशुरामजीको समझाना और परशुरामजीका तपस्याके द्वारा सिद्धि प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.30.1 
पितर ऊचु:
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
श्रुत्वा च तत् तथा कार्यं भवता द्विजसत्तम॥ १॥
 
 
अनुवाद
पितरों ने कहा - हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! इस विषय में एक प्राचीन इतिहास का उदाहरण दिया गया है, उसे सुनकर तुम्हें उसके अनुसार आचरण करना चाहिए॥1॥
 
The ancestors said - O best of Brahmins! An example from an ancient history is given in this matter, after listening to it you should act accordingly. ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)