न च प्रतिनिधिं कर्तुं चिकीर्षामि तपोधन।
अत्र मे भगवन् सम्यक् साचिव्यं कर्तुमर्हसि॥ १८॥
अनुवाद
तपधान! मुख्य वस्तु के अभाव में जो अन्य वस्तु दी जाती है, वह प्रतिनिधि दक्षिणा कहलाती है; परंतु मैं प्रतिनिधि दक्षिणा देना नहीं चाहता; अतः हे प्रभु! इस विषय में मुझे उचित उपदेश दीजिए॥18॥
Tapadhaan! Any other thing which is given in the absence of the main thing is called representative dakshina; but I do not wish to give representative dakshina; therefore, O Lord! Kindly give me proper advice in this matter.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥