इमं ज्ञातिवधं कृत्वा सुमहान्तं द्विजोत्तम।
दानमल्पं न शक्नोमि दातुं वित्तं च नास्ति मे॥ १२॥
अनुवाद
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! अपने बन्धुओं का इतना बड़ा संहार करके अब मुझमें थोड़ा-सा भी दान देने की शक्ति नहीं रही, क्योंकि मेरे पास धन नहीं रहा॥12॥
O best of Brahmins! After causing such a great massacre of my brethren, I no longer have the strength to give even a small donation because I have no wealth.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥