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mahabharat 14.29.3: कहा जाता है कि एक दिन राजा कार्तवीर्य समुद्र तट पर विचरण कर रहे थे। वहाँ अपने बल पर गर्व करते हुए उन्होंने सैकड़ों बाणों की वर्षा से समुद्र को ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 14.29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  14.29.3 
स कदाचित् समुद्रान्ते विचरन् बलदर्पित:।
अवाकिरन् शरशतै: समुद्रमिति न: श्रुतम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
कहा जाता है कि एक दिन राजा कार्तवीर्य समुद्र तट पर विचरण कर रहे थे। वहाँ अपने बल पर गर्व करते हुए उन्होंने सैकड़ों बाणों की वर्षा से समुद्र को ढक दिया।
 
It is said that one day King Kartavirya was walking on the seashore. There, proud of his strength, he covered the sea with a shower of hundreds of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)