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mahabharat 14.29.22: पितरों ने कहा, "हे परशुराम! हे विजेताओं में श्रेष्ठ! आपके लिए यह उचित नहीं है कि आप दरिद्र क्षत्रियों का वध करें; क्योंकि आप ब्राह्मण हैं, इसलिए आपके लिए राजाओं का वध करना उचित नहीं है।"   |   mahabharat अध्याय 14.29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  14.29.22 
पितर ऊचु:
नार्हसे क्षत्रबन्धूंस्त्वं निहन्तुं जयतां वर।
नेह युक्तं त्वया हन्तुं ब्राह्मणेन सता नृपान्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पितरों ने कहा, "हे परशुराम! हे विजेताओं में श्रेष्ठ! आपके लिए यह उचित नहीं है कि आप दरिद्र क्षत्रियों का वध करें; क्योंकि आप ब्राह्मण हैं, इसलिए आपके लिए राजाओं का वध करना उचित नहीं है।"
 
The ancestors said, "O Parasurama, the best of the conquerors! It is not worthy of you to kill the poor Kshatriyas; because you are a Brahmin, it is not proper for you to kill kings." 22
 
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि ब्राह्मणगीतासु एकोनत्रिंशोऽध्याय:॥ २९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें ब्राह्मणगीताविषयक उनतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)