श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 28: ज्ञानी पुरुषकी स्थिति तथा अध्वर्यु और यतिका संवाद*  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  14.28.9 
यो ह्यस्य पार्थिवो भाग: पृथिवीं स गमिष्यति।
यदस्य वारिजं किंंचिदपस्तत् सम्प्रवेक्ष्यति॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘उसके शरीर का जो पार्थिव भाग है, वह पृथ्वी में मिल जाएगा। उसका जो जल-भाग है, वह जल में चला जाएगा।॥9॥
 
‘The earthly part of its body will merge into the earth. Whatever aquatic part of it is will enter the water.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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