श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 28: ज्ञानी पुरुषकी स्थिति तथा अध्वर्यु और यतिका संवाद*  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  14.28.8 
तमध्वर्यु: प्रत्युवाच नायं छागो विनश्यति।
श्रेयसा योक्ष्यते जन्तुर्यदि श्रुतिरियं तथा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अध्वर्यु ने यतिका को इस प्रकार उत्तर दिया - 'यह बकरा नष्ट नहीं होगा। यदि 'पशुरवै नीमां:' आदि श्रुति सत्य है तो यह जीव कल्याण का भागी होगा।' ॥8॥
 
Adhvaryu replied to Yatika thus – ‘This goat will not be destroyed. If the shruti ‘Pashuravai Neemaan:’ etc. is true then this living being will be a part of welfare. 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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